भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजस्थान श्रीमती वसुन्धरा राजे

 

- 14 नवम्बर 2002 से 14 दिसम्बर 2003,

 

2 फरवरी 2013 से 12 फरवरी 2014

जन्म 08 मार्च 1953

 

नाम - श्रीमती वसुन्धरा राजे

पिता - स्व. श्री जीवाजी राव सिंधिया

माता - श्रीमती विजयाराजे सिधिंया

संतान - श्री दुष्यन्त सिंह (सांसद)

जन्मतिथि - 08 मार्च 1953 (67 वर्ष)

विधानसभा क्षेत्र - झालरापाटन (198) झालावाड

शिक्षा बी.ए. ऑनर्स

स्थाई पता - सिटी पैलेस धौलपुर

वर्तमान पता - 13 सिविल लाइन्स जयपुर

 

राजनैतिक क्षेत्र में किये गये कार्य :-

2013–18, 2003–08 ( दो बार मुख्यमंत्री राजस्थान

सदस्य आठवीं (1985-89) राजस्थान विधानसभा

सदस्य बारहवीं (2003-08) राजस्थान विधानसभा

सदस्य तेरहवी (2008-13 ) राजस्थान विधानसभा

सदस्य चौदहवीं (2013 - 18 ) राजस्थान विधानसभा

सदस्य पन्द्रहवीं (2018) राजस्थान विधानसभा

सदस्य नवीं (1989-91) लोकसभा

सदस्य दसवीं ( 1991-96) लोकसभा

सदस्य ग्यारहवीं (1996-98) लोकसभा

सदस्य बारहवीं (1998-99 ) लोकसभा तथा

सदस्य तेरहवीं लोकसभा (1999-2003)

1998-1999: राज्यमंत्री, विदेश मंत्रालय भारत सरकार ।

1999-2001 : राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), लघु उद्योग, कार्मिक एवं प्रशिक्षण, पेंशन एवं पेंशनर्स कल्याण, लोक शिकायत, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष विभाग, भारत सरकार ।

2001 : राज्यमंत्री लघु उद्योग, कार्मिक एवं प्रशिक्षण, पेंशन एवं पेंशनर्स कल्याण, प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष विभाग (स्वतंत्र प्रभार), भारत सरकार ।

2001-03 : राज्यमंत्री लघु उद्योग, कार्मिक एवं प्रशिक्षण, पेंशन, प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष विभाग (स्वतंत्र प्रभार), भारत सरकार ।

 

पद :-

1984 : सदस्य, भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी

1985-87 : उपाध्यक्ष, युवा मोर्चा, भाजपा राजस्थान

1987 : उपाध्यक्ष, राजस्थान भाजपा

2002-2003 : प्रदेशाध्यक्ष भाजपा राजस्थान

2009 : नेता प्रतिपक्ष, राजस्थान

2010 : राष्ट्रीय महासचिव, भाजपा

2019: राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भाजपा

केन्द्रीय मंत्री (1998-99)

विदेश राज्य मंत्री के रूप में विदेश नीति को आगे बढ़ाया और विदेश मंत्रालय का नेतृत्व किया। भारत की विदेश नीति को आगे बढ़ाने के लिए कई देशों के प्रतिनिधिमंडलों का भी नेतृत्व किया।

 

केन्द्रीय मंत्री (1999-2003)

केन्द्रीय मंत्रिपरिषद में लघु उद्योग राज्य मंत्री के रूप में स्वतंत्र प्रभार संभाला । रोजगार सृजन और उद्यमिता विकास के लिए एमएसएमई (लघु और मध्यम उद्यमों के विकास के लिए अलग मंत्रालय बनाया गया। भारतीय लघु उद्योग को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाये। क्रेडिट गांरटी और क्रेडिट लिंक्ड टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन फंड स्कीम शुरू की। लघु उद्योग के प्रभार के अलावा, कार्मिक, प्रशिक्षण, प्रशासनिक सुधार, लोक शिकायत, पेंशन, अतंरिक्ष, योजना और परमाणु ऊर्जा विभाग के प्रबंधन में प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के सहयोगी के रूप में काम किया। देश की जनता के प्रति जवाबदेही और पारदर्शिता के लिए एक विधेयक का मसौदा तैयार किया जो बाद में सूचना के अधिकार अधिनियम का आधार बना।

 मुख्यमंत्री राजस्थान (2003-2008)

2003 में श्रीमती वसुन्धरा राजे के नेतृत्व में प्रदेश भर में परिवर्तन यात्रा निकली। गांव-गांव जाकर लोगों के दर्द को समझा। उनकी वेदना को कम करने का वादा किया। फलस्वरूप क्षेत्रफल के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान की कर पहली महिला मुख्यमंत्री बनने का गौरव प्राप्त किया। अपने कुशल नेतृत्व और प्रदेश के कार्यकर्ताओं के कठिन परिश्रम की बदौलत राजस्थान के इतिहास में पहली बार भाजपा को स्पष्ट बहुमत दिलवाया और 120 सीटों पर जीत हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया ।

नेता प्रतिपक्ष (2009)

2008 के चुनावों में भाजपा ने श्रीमती राजे के नेतृत्व में 78 सीटें जीतीं । लेकिन 200 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस को भी स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। कांग्रेस को 96 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा जो भाजपा के मुकाबले सिर्फ 18 सीटें ज्यादा थी।

मुख्यमंत्री राजस्थान (2013-2018)2013 में एक बार फिर परिर्वतन यात्रा की तरह ही सुराज संकल्प यात्रा निकाली। गांव-गांव ढाणी ढाणी जाकर लोगों से रूबरू हुई। कांग्रेस के कुशासन से आहत लोगों ने हमारा 2003-08 का शासन याद दिलाया। और एक बार फिर 2013 के विधानसभा चुनाव में राजस्थान के सारे ही रिकॉर्ड टूट गये। राजस्थान के इतिहास में पहली बार श्रीमती राजे के नेतृत्व में 163 सीटों के साथ भाजपा सत्ता में आई। इससे पहले विधानसभा के किसी भी चुनाव में किसी भी राजनैतिक दल को इतनी सींटे नही मिली।